बढ़ती उम्र को छिपाने में मदद्गार है सुबह की दौड़

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    • आम तौर पर देखा जाता है कि बच्चों में खेलने कूदने की चाहत रहती है। दौडऩे से पूरे शरीर की कसरत होती है। दिल बेहतर काम करता है। टांगों की मांसपेशियों को ताकत मिलती है और वजन कम करने में भी दौड़ मददगार होती है। साथ ही रक्तचाप नियंत्रित रहता है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी कम होता है। यदि यह सब चीजें चुस्त और दुरूस्त रहेंगी तो हमारे दिमाग को भी सही तरीके से कार्य करने में मदद् मिलेगी।
    • दौडऩे से दिल और फेफड़े बेहतर काम करते हैं। जानकारी के मुताबिक दौडऩे से मस्तिष्क में नयी कोशिकाओं और रक्तवाहिनियों का निर्माण होता है।  दौडऩे से मस्तिष्क में बनने वाली नयी कोशिकायें और रक्तवाहिनियां हर उम्र में आपकी याद्दाश्त को अच्छा बनाये रखने में मदद करती हैं।




  • कुछ दिनों की दौड़ से ही मस्तिष्क में सैकड़ों-हजारों नयी कोशिकाओं का निर्माण हो जाता है। इससे मस्तिष्क की कार्यक्षमता में इजाफा होता है। साथ ही आपकी याद्दाश्त पर भी सकारात्मक असर होता है।
  • नियमित रूप से दौडऩे से निर्णयात्मक क्षमता में भी इजाफा होता है। जो लोग व्यायाम करते हैं उन्हें मशहूर हस्तियों के नाम याद रखने में आसानी होती है। दिमाग का याद्दाश्त संबंधी चीजों को नियंत्रित करने वाला हिस्सा दौडऩे से अधिक सक्रिय रहता है। तनाव को दूर करने में भी दौडऩा काफी लाभकारी होता है। शोध में यह भी प्रमाणित हो चुका है कि दौडऩा तनाव की दवाओं के मुकाबले अधिक फायदेमंद होता है।