उमरिया। जिले के पाली विकासखंड में इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से ग्रामीण एवं आदिवासी परिवारों से ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कुछ शातिर व्यक्तियों द्वारा भोले-भाले ग्रामीणों को बैंक खाता चेक करने के बहाने विश्वास में लेकर उनके खातों से प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी सरकारी योजनाओं की स्वीकृत राशि आहरित कर ली गई।
जानकारी के अनुसार, यह मामला बड़बही, धौरई, बकेली भदरा, पहाड़िया, अर्जुनी और घुनघुटी जैसे ग्राम पंचायतों में सामने आया है, जहां आदिवासी समुदाय के सैकड़ों लोगों के खातों से लाखों रुपये निकाले जाने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों ने दर्ज कराई शिकायत
पाली जनपद की अर्जुनी पंचायत के निवासी ग्रामीणों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपी ने योजनाओं से जुड़ी राशि जैसे वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत राशि को इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से आहरित किया।
इस मामले में घुनघुटी चौकी में दिलीप शुक्ला उर्फ कन्हैया शुक्ला, निवासी ग्राम बड़बही के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आरोपी पहले राजनीतिक रूप से सक्रिय भी रहे हैं और उन्होंने वर्षों तक ग्रामीण क्षेत्रों में घूम-घूमकर बैंक से जुड़ी राशि निकालने का कार्य किया।
मामले को दर्ज हुए दो माह से अधिक हो चुके हैं, लेकिन अब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि आरोपी वर्तमान में उच्च न्यायालय से राहत की कोशिशों में लगा हुआ है।
ग्रामीण कर रहे हैं न्याय की प्रतीक्षा
जिन ग्रामीणों की राशि खाते से निकाली गई है, वे अधिकारियों और बैंक शाखाओं के चक्कर लगा रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और उनकी हड़पी गई राशि उन्हें वापस दिलाई जाए।
प्रशासन और बैंकिंग प्रणाली से अपेक्षा
यह मामला एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा और बैंकिंग जागरूकता की कमी को उजागर करता है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से ग्रामीणों की अपेक्षा है कि वे ऐसी घटनाओं की गंभीरता को समझते हुए त्वरित न्याय दिलाएं और भविष्य में इस तरह की ठगी रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।
