Arvind Kejriwal gets emotional after Delhi Liquor Policy Verdict: दिल्ली की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बहुचर्चित ‘शराब घोटाला’ केस (Excise Policy Case) में सभी आरोपों से बरी कर दिया है।
कोर्ट के फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए और उनकी आँखों से आंसू छलक पड़े। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं भ्रष्ट नहीं हूँ। आज कोर्ट ने भी मुहर लगा दी कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं।”
कोर्ट का फैसला: क्यों बरी हुए केजरीवाल और सिसोदिया?
विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने अपने फैसले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट को सिरे से खारिज कर दिया। कोर्ट की मुख्य टिप्पणियां:
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सबूतों का अभाव: कोर्ट ने कहा कि हजारों पन्नों की चार्जशीट में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है जो किसी आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) को साबित करे।
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भ्रामक आरोप: न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि CBI के आरोप केवल ‘अनुमान’ (Conjecture) पर आधारित थे और गवाहों के बयानों में भारी विरोधाभास पाया गया।
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कोई रिकवरी नहीं: मनीष सिसोदिया के मामले में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न तो कोई आपत्तिजनक दस्तावेज मिला और न ही कोई अवैध धन बरामद हुआ।
दिल्ली शराब घोटाला: 2021 से 2026 तक का पूरा टाइमलाइन
दर्शकों और पाठकों के लिए इस केस को गहराई से समझना जरूरी है, जो 2021 में शुरू हुआ था:
1. पॉलिसी की शुरुआत (2021-22)
दिल्ली सरकार ने शराब की खुदरा बिक्री को निजी हाथों में सौंपने के लिए एक नई आबकारी नीति (Excise Policy 2021-22) पेश की। दावा था कि इससे राजस्व बढ़ेगा और माफिया राज खत्म होगा।
2. विवाद और जांच (2022)
जुलाई 2022 में दिल्ली के मुख्य सचिव ने एक रिपोर्ट सौंपी जिसमें नीति में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए। इसके बाद उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने CBI जांच की सिफारिश की और सरकार ने पॉलिसी वापस ले ली।
3. गिरफ्तारियों का दौर (2023-24)
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फरवरी 2023: मनीष सिसोदिया को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।
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अक्टूबर 2023: राज्यसभा सांसद संजय सिंह की गिरफ्तारी हुई।
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21 मार्च 2024: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उनके आवास से गिरफ्तार किया।
4. जेल और बेल का खेल (2024-25)
केजरीवाल ने जेल से ही सरकार चलाने की कोशिश की, जिसे लेकर भारी कानूनी विवाद हुआ। सितंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दी, जिसके बाद उन्होंने नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
अरविंद केजरीवाल का भावुक संबोधन: “सत्ता के लिए षड्यंत्र न करें”
कोर्ट से बरी होने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे ‘सत्य की जीत’ बताया। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा: “यह आजाद भारत का सबसे बड़ा षड्यंत्र था। हमें खत्म करने के लिए 5 बड़े नेताओं को जेल में डाला गया। मैंने जीवन में केवल ईमानदारी कमाई है। सत्ता के लिए देश और संविधान से खिलवाड़ बंद होना चाहिए।”
