विदिशा – पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा भोपाल मंडल के डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी की मौजूदगी में विदिशा के सोराई रेलवे स्टेशन पर एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई कर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। डीआरएम त्रिपाठी ने अपनी टीम के साथ मॉक ड्रिल की बारीकियों को समझा और विभिन्न सुरक्षा उपायों की समीक्षा की।
रेलवे और आपदा प्रबंधन टीमों के बीच समन्वय पर जोर – डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी ने बताया कि इस अभ्यास का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और रेलवे के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि ऐसी मॉक ड्रिल से आपातकालीन स्थितियों में बेहतर तालमेल और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकती है।
तकनीकी संसाधनों की दक्षता पर दिया गया ध्यान – ड्रिल के दौरान यह भी देखा गया कि इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जैसे ड्रोन और अन्य संचार उपकरण पूरी तरह सक्रिय और दुरुस्त हों। रेलवे प्रशासन ने निर्देश दिए कि आधुनिक तकनीकों का सही और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में रेस्क्यू ऑपरेशन सुचारू रूप से किया जा सके।
इस अभ्यास के माध्यम से रेलवे प्रशासन ने यह संदेश दिया कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य को बेहतर बनाने के लिए रेलवे लगातार अपनी तैयारियों को मजबूत कर रहा है।
