देपालपुर। इंदौर जिले के ग्राम गुडर सरपंच कैलाश तंबर पर ग्राम जमगोदा के एक शिकायतकर्ता ने विकास कार्यों में भारी भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से शिकायत की, जिसकी जांच करने विगत दिनों जनपद पंचायत की जांच टीम ग्रामीणों से बात करने भी पहुंचे और फिर जांच रिपोर्ट को कार्यालय अधिकारी के समक्ष रखने की बात जांच अधिकारी ने कही थी। वहीं अब गुडर सरपंच कैलाश तंवर ने मीडिया के सामने आकर ग्रामीण द्वारा लगाए गए आरोप को झूठा बताया।
सरपंच कैलाश तंवर ने बताया कि हितग्राहियों के घरों में शौचायल बने हैं जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा पंचायत को ओडीएफ का प्रमाण पत्र भी दिया गया था। सरपंच ने बताया कि रोड निर्माण के लिए जनपद सदस्य की राशि आती है जिसमें पंचायत को दो साल में 4-4 लाख रूपए मिले जिसमें पहली बार 60 हजार और दूसरी बार में 80 हजार रूपए संबंधित को कमीशन के रूप में दिए गए थे लेकिन वर्तमान वर्ष में भी राशि मिलनी थी जिसमें कमिशन ज्यादा मांगने के कारण पंचायत द्वारा राशि लेने से इंकार कर दिया गया।
