जबलपुर। शराब ठेकेदारों की 37 याचिकाओं का निराकरण करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने शराब ठेकेदारों को करारा झटका दिया है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बिड की रकम कम करने और ठेके निरस्त करने की मांग को मानने से साफ इंकार कर दिया।
दरअसल मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में शराब ठेकेदारों की ओर से 37 याचिकाएं दायर की गई थी जिसमें शराब के ठेकेदारों ने कोरोना संक्रमण का हवाला देते हुए बिड की रकम कम करने और ठेकों को निरस्त करने की मांग की थी।
याचिकाओं की सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि नई टेंडर नीति जारी रहेगी और मौजूदा नीति पर ही अमल किया जाएगा। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार की दलीलों को सही मानते हुए नई शराब नीति को ही यथावत रखने पर मोहर लगाई है।
शराब ठेकेदारों ने अपनी याचिकाओं में प्रदेश सरकार की 2020-21 की शराब नीति को कटघरे में खड़ा किया था और इसके खिलाफ अदालत में चुनौती दी थी।
