उमरिया जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत घुनघुटी से ममान मार्ग पर निर्माणाधीन डामर सड़क की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ रही है। करीब 60 लाख रुपये की लागत से बन रही इस सड़क को लेकर क्षेत्रवासियों ने निर्माण कार्य में अनियमितताओं और मानकों की अनदेखी की बात कही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक ओर जहां सड़क का निर्माण कार्य जारी है, वहीं दूसरी ओर कुछ हिस्सों में डामर परखच्चे उड़ते देखे गए हैं। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही सामग्री और तकनीकी प्रक्रियाओं में कमी हो सकती है।
बुनियादी मापदंडों को लेकर उठे सवाल
स्थानीय जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण में जेएसबी (JCB) रोलर और वाइब्रेटर मशीनों का उपयोग पर्याप्त रूप से नहीं किया गया। इसके अलावा, डामर को निर्धारित तापमान पर न डालने और आवश्यक मात्रा से कम मिश्रण करने के आरोप भी लगाए गए हैं। परिणामस्वरूप, कुछ क्षेत्रों में सड़क दब गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही में कठिनाई उत्पन्न हो रही है।
नोटिस बोर्ड और जानकारी का अभाव
स्थानीय नागरिकों ने यह भी बताया कि निर्माण स्थल पर किसी भी प्रकार का नोटिस बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिससे परियोजना की लागत, समयसीमा और तकनीकी विवरणों की जानकारी नहीं मिल पाई है। यह पारदर्शिता की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है।
विभागीय प्रतिक्रिया और आगे की कार्यवाही
इस संदर्भ में लोक निर्माण विभाग की अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) रवीना पटेल ने दूरभाष पर जानकारी देते हुए बताया कि जहाँ-जहाँ सड़क में खामी पाई जा रही है, वहां पुनर्निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी और आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
जन अपेक्षाएँ और विभाग से आग्रह
क्षेत्रीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की मांग है कि लोक निर्माण विभाग उच्च स्तर पर इस परियोजना की जांच कर गुणवत्ता सुनिश्चित करे। पारदर्शी निर्माण प्रक्रिया और निगरानी से ही ऐसी परियोजनाओं की विश्वसनीयता बनी रह सकती है।
रिपोर्ट: प्रवीण तिवारी
