उत्तराखण्ड के हरिद्वार में आम जनमानस को माया मोह से त्याग का पाठ पढ़ाने वाले साधु संत माया-मोह में इस कदर जकड़े हुए हैं कि हरिद्वार की एक संपत्ति को लेकर निरंजनी अखाड़े के संतों में आरोप-प्रत्यारोप की जंग चल रही है। निरंजनी अखाड़े से जुड़े साधु रामानंदपुरी ने रामानंद इंस्टिट्यूट नाम से एक विद्यालय की स्थापना की थी लेकिन अब अखाड़े ने उनकी गतिविधियों को देखते हुए रामानंदपुरी को इंस्टिट्यूट से हटाकर अखाड़े के ही दूसरे संत रविंद्रपुरी को चेयरमैन बना दिया गया है।
Related Posts
हरिद्वार के जंगल में लगी आग, जिला प्रशासन मुस्तैद
उत्तराखण्ड के मंशा देवी की पहाड़ियों के जंगल में आग लगी हुई है जिसके लिये जिला प्रशासन भी मुस्तैद दिखाई…
हरिद्वार के इंद्राबस्ती में दिखा गुलदार
Haridwar | हरिद्वार : उत्तराखण्ड हरिद्वार के रिहायशी इलाके इंद्राबस्ती में बीती रात गुलदार दिखने से हडकम्प मच गया। दरअसल…
महामंडलेश्वर रसानंद की द्वितीय पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी गई
अग्नि अखाड़े के ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर रसानंद की द्वितीय पुण्यतिथि, उत्तराखण्ड हरिद्वार के जगजीतपुर क्षेत्र मां आदिशक्ति आश्रम में मनाई गई।…

