दमोह। जिले के जबेरा जनपद शिक्षा केंद्रों के स्कूलों मैं हफ्ते में एक बार शिक्षक पहुंचने से पूरी शिक्षण व्यवस्था चरमराई हुई है। स्कूल भवन की हालत जर्जर बनी हुई तो वहीं शौचालयों की स्थिति भी बदहाल है। मामला नोहटा से महज 10 किलो मीटर की दूरी पर ग्राम बमुरिया प्राथमिक शाला का है।
ग्रामीण मुकेश सिंह ने बताया कि शाला में पदस्थ शिक्षिका सुमनलता तिवारी कभी कभार ही स्कूल आती है जिनकी वजह से स्कूल कम खुलता है इस कारण बच्चो की पढ़ाई भी नहीं होपाती है। जबकि दूसरी ओर स्कूल का भवन जर्जर हालत में है जबकि शौचालय भी अव्यवस्थाओं के कारण उपयोग नहीं किए जाते हैं।
स्कूल परिसर में संचालित मिनी आगनवाड़ी केंद्र में पदस्थ विनीता लोधी ने बताया कि स्कूल मे आगनवाड़ी लगती है जहां पर प्राथमिक शाला के बच्चो को बैठाना पड़ता है क्योंकि स्कूल बंद होता है और बच्चे यहां वहां भटकते हैं।
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