National mourning rules in India : क्या आपको पता है कि किसी देश में राष्ट्रीय शोक के दौरान क्या कुछ बदल जाता है. यदि नहीं तो आइए जानते हैं. स्वतंत्र भारत में पहली बार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के बाद राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया था. राष्ट्रीय शोक घोषित करने का नियम पहले सीमित लोगों के लिए ही था. पहले केवल राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री रह चुके लोगों के निधन होने पर राजकीय या राष्ट्रीय शोक की घोषणा की जाती थी.
समय के साथ नियम में बदलाव हुए और अब नए नियम के तहत गणमान्य व्यक्तियों के निधन पर या फिर देश में किसी बड़ी आपदा की घड़ी में राष्ट्रीय शोक घोषित किया जा सकता है. फ्लैग कोड ऑफ इंडिया के मुताबिक राष्ट्रीय शोक के दौरान देश के बाहर मौजूद भारतीय दूतावासों और देश के प्रमुख सरकारी कार्यालयों में लगे राष्ट्रीय ध्वज आधे झुका दिए जाते हैं और कोई भी सांस्कृतिक समारोह आयोजित नहीं किए जाते.
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