Sagar

सागर में जहरीली शराब से 11 मौतें, कई बीमार; 20 से ज्यादा आरोपियों पर FIR

Sagar Poisonous Liquor Tragedy: मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा और आसपास के इलाकों में कथित जहरीली शराब पीने से बड़ा हादसा सामने आया है। अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग बीमार होकर अस्पतालों में भर्ती हैं। घटना के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में राहत, बचाव और स्वास्थ्य जांच अभियान तेज कर दिया है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। घटना के बाद आबकारी विभाग और पुलिस से जुड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। वहीं पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है।

सागर जहरीली शराब कांड में 11 लोगों की मौत

सागर जिले की बंडा तहसील के प्रभावित गांवों में कथित तौर पर जहरीली या मिलावटी शराब के सेवन के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। शुरुआती रिपोर्टों में उल्टी, चक्कर और धुंधला दिखाई देने जैसे लक्षण सामने आने की जानकारी दी गई है।

PTI के अनुसार, घटना में 11 लोगों की मौत हुई और 54 लोग बीमार पड़े। इनमें कई मरीजों में धुंधला दिखाई देने और चक्कर आने जैसे लक्षण पाए गए। मरीजों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल समेत विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया।

हालांकि, घटना के बाद लगातार चल रही स्क्रीनिंग और अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या को लेकर अलग-अलग समय पर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। इसलिए अंतिम आंकड़ा प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगा।

चार मरीजों की हालत गंभीर, एक को एयरलिफ्ट किया गया

मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सागर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली और अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।

उन्होंने बताया कि चार मरीज गंभीर स्थिति में हैं, जबकि इनमें से एक मरीज को बेहतर उपचार के लिए एयर एंबुलेंस से AIIMS भोपाल भेजा गया है। वहीं कई अन्य मरीजों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों को सक्रिय किया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं, ताकि ऐसे लोगों की पहचान की जा सके जिन्होंने हाल में संदिग्ध शराब का सेवन किया हो।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

घटना के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।

सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जहरीली शराब की आपूर्ति, बिक्री या निर्माण में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।

रिपोर्टों के मुताबिक, आबकारी विभाग के कई अधिकारियों को निलंबित किया गया है और एक वरिष्ठ अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। पुलिस विभाग के स्थानीय अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है।

20 से ज्यादा आरोपियों पर FIR, पुलिस जांच तेज

सागर शराब कांड की जांच में पुलिस ने कई संदिग्धों को निशाने पर लिया है। रिपोर्टों के अनुसार, 20 से ज्यादा लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई है और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

PTI के अनुसार, पीड़ितों के परिजनों की शिकायतों के आधार पर तीन अलग-अलग FIR भी दर्ज की गई हैं। पुलिस अब शराब की सप्लाई चेन और इसके पीछे सक्रिय लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

ललितपुर से जुड़ रहा कथित सप्लाई लिंक

जांच में एक महत्वपूर्ण एंगल पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के ललितपुर से जुड़ता दिखाई दे रहा है। शुरुआती जांच के आधार पर अधिकारियों ने आशंका जताई है कि संदिग्ध शराब की सप्लाई ललितपुर से हुई हो सकती है।

PTI की रिपोर्ट में भी प्रारंभिक जांच के हवाले से ललितपुर से सप्लाई लिंक की बात कही गई है। हालांकि पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

कुछ रिपोर्टों में कथित नकली लेबल और QR कोड के इस्तेमाल की भी बात सामने आई है। पुलिस और प्रशासन इस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रहे हैं।

शराब दुकानों को किया गया सील

घटना के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए क्षेत्र की कई शराब दुकानों को सील किया है और शराब के नमूने जांच के लिए भेजे हैं।

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, जिला प्रशासन ने सात शराब दुकानों को सील किया था, जबकि अन्य मीडिया अपडेट्स में अलग-अलग संख्या बताई गई है। ऐसे में सील की गई दुकानों की अंतिम संख्या प्रशासनिक अपडेट के अनुसार बदल सकती है।

शराब के नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। जांच से यह स्पष्ट होने में मदद मिलेगी कि शराब में कौन-सा जहरीला पदार्थ मौजूद था और वह कहां से आया।

प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग का अभियान

हादसे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में विशेष निगरानी शुरू कर दी है। मेडिकल टीमें गांवों में जाकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति ने संदिग्ध शराब का सेवन किया है और उसे चक्कर, उल्टी, धुंधला दिखाई देना या अन्य असामान्य लक्षण महसूस हो रहे हैं तो वह तुरंत चिकित्सा सहायता ले।

घटना की गंभीरता को देखते हुए अस्पतालों में भी अतिरिक्त चिकित्सा व्यवस्था की गई है।

Recent Posts

वात्सल्य गणपति मंच से दिखी अहिल्याबाई के जीवन की शैली, विद्यार्थियों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां

विदिशा। वात्सल्य विद्यालय में आयोजित गणेशोत्सव के दूसरे दिन 15 सितंबर 2026 को विभिन्न सांस्कृतिक… Read More

September 15, 2026

विदिशा में नि:संतान दंपतियों के लिए परीक्षण एवं परामर्श शिविर सम्पन्न, करीब 50 मरीजों का हुआ परीक्षण

विदिशा। रोटरी क्लब ऑफ भेलसा विदिशा एवं हर हेल्थ, भोपाल द्वारा नि:संतान दंपतियों के लिए… Read More

September 13, 2026

गौतमपुरा जनविश्वास शिविर में छात्राओं से कथित अभद्र व्यवहार, तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग

गौतमपुरा। नगर परिषद गौतमपुरा द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय… Read More

September 12, 2026

रीवा मामले पर सियासी घमासान: विधायक अभय मिश्रा हिरासत में, मंत्रालय के बाहर धरना

Rewa News: रीवा में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत का मामला अब मध्य… Read More

September 10, 2026

भारत की Top 5 Best Mileage Bikes: पेट्रोल के बढ़ते दामों से मिलेगी राहत, देखें कीमत और फीचर्स

भारत में पेट्रोल की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं। ऐसे में मिडिल क्लास परिवार… Read More

September 8, 2026

3 साल में 1 लाख को 2.5 लाख बनाने वाले टॉप 5 म्यूचुअल फंड्स!

अगर आप अपने पैसे को तेजी से बढ़ाना चाहते हैं, तो म्यूचुअल फंड (Mutual Funds)… Read More

September 5, 2026