सिवनी जिले में बीते कई वर्षां में स्कूल भवन के निर्माण में ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने गवन कर बच्चों के भविष्य को सवारने वाली पहली सीढ़ी को ही अवरुद्ध कर दिया है। आपको बता दें कि सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत वर्ष 2004 में जिले के 8 विकास खण्डों में माध्यमिक और प्राथमिक शाला भवन और कक्षा निर्माण के लगभग 3 हजार भवन शासन द्वारा स्वीकृत किये गए थे परंतु अधिकांश निर्माण भ्रटाचार की भेंट चढ़ गए है।

स्वीकृत वर्ष के लगभग 5 साल के बाद भी स्कूल भवन के निर्माण में एजेंसी द्वारा लापरवाही सामने आने पर प्रशासन ने जांच प्रारंभ की तो बड़े पैमाने में अधूरे निर्माण के मामले प्रकाश में आये। वर्ष 2014 में 42 प्रकरणों में अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष जांच के प्रकरण दर्ज करा के पुलिस में मामले दर्ज कराए गए। जिनमे लगभग 1.50 करोड़ के गवन दर्शाया गया था। आधे अधूरे पड़े स्कूल भवनों के कुल 42 प्रकरण ही दर्ज किए जा पाए है जबकि अन्य मामले अभी भी कार्यवाही की परिधि से दूर है।


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