सुरखी। मध्य प्रदेश के एक आदिवासी की कहानी मानवता को शर्मसार करने वाली सबित हो रही है। दरअसल मध्य प्रदेश के सागर का यह मामला है जहां जिले से महत 10 किलोमीटर दूर ग्राम कुडारी में एक आदिवसी,श्मशान में रहने को मजबूर है। राम रतन आदिवासी की कहानी मानवता को वाकई शर्मसार कर देन वाली है, दरअसल आदिवासी का बारिश के समय में मकान गिरने के बाद सरकार से कोई मदद नहीं मिलने के कारण अब आदिवासी राम रतन अपने 9 साल के बेटे के साथ श्मशान की जमीन पर रहने को मजबूर है।
पिता पुत्र दोनों रात में श्मशान में सोते हैं, तथा दिन में राम रतन द्वारा 50 रूपए प्रति दिन के हिसाब से मजदूरी की जाती है जबकि रात के समय श्मशान की जमीन पर सोना पड़ता है।
जानकारी मिली है कि राम रतन की पत्नी का करीब 7 वर्ष पहले प्रसूति के दौरान स्वर्गवास हो गया था, जिसके बाद से ही रामरतन अपने बेटे के साथ रह रहे हैं, जिन्हे वर्तमान समय तक कोई भी शासकीय योजना का लाभ नहीं मिला है।
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