सिवनी जिले के लखनादौन आदिम जाति सोसायटी द्वारा की जा रही चना खरीदी में भारी अनिमितताओं और भ्रष्टाचार की असीम संभावनाओ के बीच किसानों को उसकी फसल का वाजिफ हक नहीं मिल पा रहा है। खरीदी केंद्र में पहुचे किसानों के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है जैसे वह अपनी मेहनत का नही बल्कि खैरात के लिए आया हो। सोसायटी प्रबंधन ओर व्यापारियों की मिली भगत से शाशन की योजना जैसे दमतौड़ रही है। पूरे विकास खण्ड में चना खरीदी के लिए सिर्फ एक ही केंद्र बनाए जाने से नागनदेवरी से लेकर ओझरा धाना और गणेशगंज से लेकर घँसौर विकास खण्ड की वाडर तक से किसान यहां पहुंच रहे है। जानकारी के अनुसार 5-5 क्विंटल अनाज लाने वाले किसान खुले आसमान के नीचे नोतपा की 42 डिग्री धूप में अपने अनाज की रखवारी करने को मजबूर है।
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