एक तरफ जहां केंद्र और प्रदेश की सरकार बच्चों को पढ़ाने और शिक्षा के लिए सुविधाए देने के बड़े बड़े दावे करती हैं, वही आज भी कई जगह नोनिहालो को पढ ़ाई के लिए अपनी जान तक को जोखिम डालना पड़ता हैं। ऐसा ही नजारा मध्यप्रदेश के देवास जिले के छोटे से गाँव हिरली में देखने को मिला जहां मासूम बच्चों को स्कूल जाने के लिए रोज नदी को पार करना पड़ता हैं। खास बात यह हैं कि यह गाँव मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक जोशी के विधानसभा छेत्र में आता है।
नदी पार करने को मजबूर ये मासूम बच्चे देवास जिले के छोटे से गांव हिरली के हैं जो अपनी पढ़ाई के लिए इंदौर जिले के सिमरोल स्थित स्कूल में जाते है। लेकिन इन दोनो गॉवो के बीच शिप्रा नदी बहती है। अन्य दिनों में रपटा पार कर बच्चे स्कूल चले जाते है लेकिन बारिश के मौसम में उफनती नदी को पार करने के लिए बच्चे मजबूर हैं।
बच्चों का कहना हैं कि या तो गांव में ही आगे की पढ़ाई के लिए स्कूल खुल जाए या फिर नदी पर पुल बन जाए तो आसानी होगी। स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री दीपक जोशी की विधानसभा अंतर्गत आने वाले इस गांव में केवल 5वीं तक ही स्कूल है। आगे की पढ़ाई के लिए करीब 10 से 15 किलोमीटर दूर जाने की जगह ये बच्चे नदी पार के स्कूल को ही पसंद करते हैं।
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