प्रदेश सरकार हर हाथ में रोजगार देने के लिये कई योजनाएं संचालित कर रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गरीबों की मदद कर रही है, लेकिन झाबुआ जिले में सरकार का भ्रष्ट प्रशासनिक तंत्र योजनाओं के नाम पर गरीबी हटाने के बजाय गरीबों को ही हटाने में जुटा हुआ है। मामला झाबुआ के बस स्टैंड का है जहां कई सालों से चाय का ठेला लगाकर अपना और अपने परिवार का पेट पाल रही एक गरीब विधवा महिला को बेरोजगार कर दिया गया। महिला के चाय के ठेले को रात के अंधेरे में हटा कर उसके स्थान पर सांची पार्लर रख दिया गया। अब महिला अपने रोजगार को लेकर दर-दर भटकने को मजबूर है।
बस स्टैंड के सांची पाइंट को लेकर उठे विवाद के बाद नगर पालिका ने परिषद द्वारा अनापत्ति दिये जाने की बात कही है। नगर पालिका के जिम्मेदारों ने अवैध पाइंट होने की शिकायत के बाद पाइंट लगाने वाले को नोटिस जारी कर अपने दस्तावेज 3 दिनों के भीतर जारी करने को कहा। अन्यथा नगर पालिका पांइट हटाने की कार्रवाई करेगी।
विदिशा। वात्सल्य विद्यालय में आयोजित गणेशोत्सव के दूसरे दिन 15 सितंबर 2026 को विभिन्न सांस्कृतिक… Read More
विदिशा। रोटरी क्लब ऑफ भेलसा विदिशा एवं हर हेल्थ, भोपाल द्वारा नि:संतान दंपतियों के लिए… Read More
गौतमपुरा। नगर परिषद गौतमपुरा द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय… Read More
Rewa News: रीवा में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत का मामला अब मध्य… Read More
भारत में पेट्रोल की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं। ऐसे में मिडिल क्लास परिवार… Read More
Sagar Poisonous Liquor Tragedy: मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा और आसपास के इलाकों… Read More